फिरोजाबाद। पर्ल्स कंपनी में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों की भुगतान संबंधी समस्याओं को लेकर संघर्ष आज भी जारी है। निवेशकों को भुगतान की स्थिति और प्रक्रिया की जानकारी देने के उद्देश्य से 25 अक्टूबर को शिकोहाबाद में राष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
अमित गर्ग एडवोकेट ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 अगस्त 2014 को सेबी द्वारा पर्ल्स कंपनी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद निवेशकों की मेहनत की कमाई फंस गई। इसके बाद 2 फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर निवेशकों के भुगतान के लिए लोढ़ा कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को कंपनी की संपत्तियों को बेचकर निवेशकों को उनकी रकम लौटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि करीब दस वर्ष बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में निवेशकों को पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है। उनके अनुसार, पर्ल्स के लगभग पांच करोड़ निवेशकों में से कुछ लाख निवेशकों को ही भुगतान हुआ है। सेबी के अनुसार निवेशकों की कुल देनदारी करीब 50 हजार करोड़ रुपये बताई गई है।
वहीं, कंपनी की संपत्तियों के वर्तमान बाजार मूल्य को लेकर उन्होंने लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये का दावा किया। निवेशकों को उनका पैसा वापस दिलाने के लिए फिरोजाबाद से उनकी अगुवाई में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में जन आंदोलन, भूख हड़ताल, बाइक रैली, पैदल मार्च और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से भी आवाज उठाई गई है। इसी को लेकर 25 अक्टूबर को बाबा तूफानी गेस्ट हाउस, एटा चौराहा, शिकोहाबाद में राष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें दूर-दराज के क्षेत्रों से एजेंट और कार्यकर्ता पहुंचकर भुगतान संबंधी जानकारी प्राप्त करेंगे।
सम्मेलन में हरियाणा से सुरेश जांगड़ा, मुरादाबाद से रवि शंकर गौतम, कानपुर से विकास त्रिपाठी, लखनऊ से डॉ. राम सागर शुक्ला और मथुरा से रामदेव गौतम शामिल होंगे। प्रेस वार्ता में डॉ. निजामुद्दीन खान, जेपी शर्मा, डॉ. नवीन विद्यार्थी, पूनम गौतम, सुनीता और सुनील शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।









