-राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर रामलीला का किया शुभारंभ
फिरोजाबाद। सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति, लेबर कॉलोनी द्वारा आयोजित रामलीला मंचन का शुभारंभ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत पाल सिंह ने भगवान श्रीराम की आरती उतारकर किया। मंचन के दौरान कुंभकरण वध, मेघनाथ वध और सुलोचना के सती होने की लीला का भावपूर्ण चित्रण किया गया।
लेबर कॉलौनी की रामलीला में लक्ष्मण के जीवित हो जाने की सूचना से रावण चिंतित हो जाता है। वह अपने भाई कुंभकरण को जगाने पहुंचता है, जिसे छह महीने सोने और एक दिन जागने का वरदान प्राप्त था। कुंभकरण के जागने पर रावण उसे राम से चल रहे युद्ध और सीता को लंका लाने की बात बताता है। कुंभकरण रावण को समझाता है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था, लेकिन रावण उसकी बात अनसुनी कर उसे युद्ध के लिए भेज देता है। भगवान श्रीराम और कुंभकरण के बीच भयंकर युद्ध होता है। अंत में श्रीराम कुंभकरण का वध कर देते हैं। कुंभकरण के मारे जाने से रावण दुखी हो जाता है और मेघनाथ को युद्ध के लिए भेजता है।
रामदल की ओर से लक्ष्मण युद्ध करने पहुंचते हैं। दोनों के बीच भीषण संग्राम होता है, जिसमें लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं। मेघनाथ की मृत्यु का समाचार मिलने पर उसकी पत्नी सुलोचना रामदल में पहुंचती है और भगवान श्रीराम से अपने पति का सिर मांगती है। श्रीराम करुणा दिखाते हुए उसे मेघनाथ का सिर सौंप देते हैं। इसके बाद सुलोचना अपने पति के सिर के साथ सती हो जाती है। सुलोचना सती के प्रसंग से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।








