फिरोजाबाद। नगर में मॉ भगवती पीताम्बर एवं महामृत्युजय महादेव के दस दिवसीय महोत्सव के चौथे दिन 1108 कुण्डीय महायज्ञ में रामकथा का आयोजन किया गया। जिसमें भगवान राम, जानकी के सीता स्वयंवर की कथा का वर्णन सुनकर भक्तगण भावविभोर हो गये। पूरा प्रांगण भगवान श्रीराम के जयकारों से गंूजायमान होने लगा। बच्चू बाबा आश्रम स्थित यज्ञ स्थल पर चल रही रामकथा में कथा व्यास मनोज अवस्थी ने राम जानकी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि सीता स्वयंवर में अपने गुरू वशिष्ठ के साथ पहुंचे श्रीराम ने गुरू आज्ञा पाकर शिव धनुष को जैसा ही उठाया उसके दो दुकड़े हो गये। जैसे ही शिव धनुष टूटा, माता जानकी ने उनके जयमाला पहनाई। कथा पंडाल में भगवान श्रीराम, माता जानकी के स्वरूपों से महिलाओं, पुरूषों ने आर्शीवाद प्राप्त किया। प्रात काल हजारों भक्तों ने 1108 कुण्डीय महायज्ञ में मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी।