फिरोजाबाद। कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार के तत्वावधान में आयोजित गीता सत्संग समारोह के प्रथम दिन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और संपूर्ण मार्गदर्शिका है। जीवन को निराश होकर, दुखी होकर, कष्ट में जीकर, नकारात्मक सोचकर बिताना और जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करने के लिए जीवन को सही ढंग से जीने के लिए प्रेरणा देना वाला ग्रंथ है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान दिनेश चंद्र अग्रवाल, रेखा अग्रवाल तथा विशिष्ट यजमान प्रदीप गर्ग लल्ला, गौरव गर्ग एवं श्री कपिल गर्ग पे भगवान श्री कृष्ण व राधारानी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. जीके. अग्रवाल, डॉ. विनय कुमार गोयल, गीता गोयल ने व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी ज्ञानानंद महाराज का पुष्प भेंटकर स्वागत किया।

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन उपहास नहीं उपकार है, ईश्वरीय कृपा का चमत्कार है। मानुषकार लिखते हैं कि चौरासी का चक्र पूरा करने पर हमें यह जीवन मिलता है, जो हमें उच्च विचारों के साथ जीना चाहिए। उन्होंने आर्टीफिशयल इंटेलीजेंस के प्रयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमें स्वयं तय करना है कि एआई का प्रयोग कितना करना है, कहीं हमारी बुद्धिमता नष्ट न हो, हमारा कौशल नष्ट न हो यह हमें ध्यान रखना है। जीवन में जीने के लिए तीन सूत्रों को जीवन में उतारने की आवश्यकता है श्रवण, मनन, चिंतन। अर्थात यदि जीवन में हम कोई भी बात सुनकर उसका चिंतन कर उसका मनन करेंगे तो जीवन हमारा श्रेष्ठता की ओर अग्रसर होगा।
इस दौरान श्रवण बंसल, अजय अग्रवाल, गौरव गोयल, विपुल बंसल, प्रदीप अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, आलिन्द अग्रवाल, दीनानाथ गर्ग, गिरधारी लाल मित्तल, अशोक माहेश्वरी, शिवम अग्रवाल, अभिषेक मित्तल क्रांति, संजीव कुमार जैन, रंजीत शर्मा एड, प्रमोद बंसल, सौरभ अग्रवाल, हिमांशू अग्रवाल, दीपक बंसल, ज्योति बंसल, मनोज गुप्ता, संगीता गुप्ता, अतुल मित्तल, नीता मित्तल आदि मौजूद रहे।








