-पुलिस पर गर्भवती महिला के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की का आरोप, परिजनों ने थाने का किया घेराव
-एसपी ग्रामीण, एएसपी सहित कई थानों का फोर्स पहुंचा, समझा बुझा कर मामला कराया शांत
फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। प्रसव के दौरान महिला की मौत के बाद पीड़त परिवार के परिजनों ने थाना घेर लिया। जमकर पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी की। इतना ही नहीं परिजन ट्रैक्टर को थाने में अंदर लाने लगे, जब पुलिस ने उन्हें रोका तो पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने पुलिस पर महिला के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस ने दबिश के दौरान गर्भवती महिला के साथ मारपीट की, जिससे उसे ब्लीडिंग होने लगी और प्रसव के दौरान चिकित्सक की लापरवाही से उसकी मौत हो गई। लगभग दो घंटे तक थाने पर हंगामा चलता रहा। इस दौरान एसपी ग्रामीण और एएसपी सहित कई थानों का फोर्स पहुंच गया। बाद में मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव लभौआ में दो दिन पूर्व गांव के जहेश चंद्र पुत्र खूबचन्द्र दिवाकर की दुकान में चोरी हुई थी। पुलिस ने दुकान स्वामी की तहरीर पर अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसी मामले में रविवार मध्य रात को आगरा गेट चौकी प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने गौरव पुत्र रवीन्द्र कुमार और अजेन्द्र सागर के घर दबिश दी। इस दौरान पुलिस दोनों को उठा कर थाने ले आई। गौरव को पूरी रात थाने में रखा। इस दौरान सुबह गौरव की पत्नी की हालत खराब हो गई और परिजन उसको लेकर महिला अस्पताल आए। यहां उसकी नार्मल प्रसव हुआ। महिला अंजली ने बेटा को जन्म दिया। प्रसव के बाद अंजली की हालत खराब होने लगी। उसका ब्लड प्रेसर लो होने लगा।
जिसके बाद चिकित्सकों के हाथपांव फूल गए। गंभीर हालत में महिला को फिरोजाबाद मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की जानकारी के बाद भी पुलिस ने चोरी के शक में हिरासत में लिए युवक को नहीं छोड़ा, तो परिजनों में आक्रोश बढ़ गया। लोग एकत्रित होकर थाना पहुंचे और हंगामा करने लगे। पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी की। घटना की जानकारी इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पर एसपी ग्रामीण, एएसपी और सीओ सहित सिरसागंज, नसीरपुर, मक्खनपुर सहित कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।
परिजनों का आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिस ने महिला अंजली के साथ मारपीट की। उसके पेट में लात लगने से उसकी हालत खराब हो गई। उसे ब्लीडिंग होने लगी। जब परिजन महिला को लेकर अस्पताल आए तो उसकी अस्पताल स्टाफ ने कम खून होने पर भी बिना ब्लड चढ़ाए प्रसव करा दिया। इसकी पुष्टि चिकित्सकों ने भी की है। जब महिला की डिलेवरी हुई तो उसमें पांच पोइंट खून था। बच्चे की जान को खतरा था, इसलिए उसका प्रसव कराना पड़ा। लेकिन खून की व्यवस्था ना होने से महिला की हालत बिगड़ गई। वहीं जब शव को लेकर परिजन शिकोहाबाद आ रहे थे, तो पुलिस ने शव को वहीं फिरोजाबाद रुकवा दिया। जिससे परिजनों में आक्रोश और अधिक बढ़ गया।
इसके बाद गांव से लगभग एक ट्रैक्टर ट्राली में 30 महिलाएं और पुरुष भरकर आए और थाने के गेट पर हंगामा करने लगे। ट्रैक्टर को थाने में अंदर ले जाने की जिद करने लगे, लेकिन पुलिस ने उसे अंदर नहीं घुसने दिया। बाद में महिला और पुरुष उतर कर थाने में घुस आए और जमकर हंगामा किया और पुलिस पर आरोप लगाए। मृतका के पति गौरव ने थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा कि एफआईआर में बिना नाम एवं बिना सर्च वारंट के चौकी प्रभारी स्टाफ के साथ उसके घर में घुसे और महिलाओं से मारपीट एवं धक्का मुक्की की।
आरोप है कि उप निरीक्षक ने उसकी गर्भवती पत्नी के पेट में लात मार दी, जिससे उसे तेज दर्द होने लगा और ब्लीडिंग शुरु हो गई। परिजन उसकी पत्नी को अस्पताल लाए, जहां चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उसकी पत्नी की मौत हो गई। उसका कहना है कि उसने दरोगाजी से कई बार कहा था कि उसकी पत्नी की हालत खराब है उसे दिखाना है, लेकिन उन्होंने नहीं छोड़ा। जब उसकी पत्नी की मौत की सूचना मिली तो उसे और उसके गांव के अजेन्द्र सागर को बिना कार्यवाही के छोड़ दिया। पीड़ित ने उप निरीक्षक के साथ सिपाही और एक मुंशी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। एसपी ग्रामीम अनुज चौधरी ने पीड़ित को प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही का आश्वासन दिया। इसके बाद ही लोग थाने से हटे।








