फिरोजाबाद: गाजे-बाजे के साथ निकली श्रीजी की भव्य रथयात्रा

-मुनि संघ के सानिध्य में पांडुक शिला पर हुआ श्री जी का भव्य महामस्तकाभिषेक
-चंद्रवाड़ मेले में बच्चों और युवाओं ने दी धार्मिक प्रस्तुतियां

फिरोजाबाद। नगर के समीप यमुना की तलहटी में स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक तीर्थ स्थल चंद्रवाड़ में दिगंबर जैन प्राचीन एक दिवसीय वार्षिक मेला महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। मुनि निर्भय सागर महाराज, मुनि अमित सागर महाराज, मुनि एकत्व सागर महाराज एवं आर्यिका गुरु मां विजयमती माता के पावन सानिध्य में आयोजित महोत्सव में सैकड़ों की संख्या में जैन धर्मावलंबियों ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मेला महोत्सव का शुभारंभ प्रातः काल सेठ छदामीलाल जिनालय से हुआ, जहाँ दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों द्वारा एक भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। वहीं सेठ छदामीलाल जिनालय से ही श्री जी की भव्य रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। रथ यात्रा की भव्यता देखते ही बन रही थी। जुलूस में सबसे आगे पंचरंगी जैन ध्वज लहराता हुआ चल रहा था। उसके पीछे दो सुसज्जित घोड़े और इटावा का प्रसिद्ध घोड़ा बैंड चल रहा था। रथ यात्रा में तीन विशेष धार्मिक झांकियां शामिल की गईं, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान महावीर का पालना प्रभु महावीर के बाल रूप और वात्सल्य को दर्शाती मनोरम झांकी। स्वर्ण रथ पर श्री जी विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रहे थे।

शोभायात्रा सेठ छदामीलाल जिनालय से प्रारंभ होकर बब्बू जी की जीन, सेंट्रल चौराहा, सदर बाजार, ऐतिहासिक घंटाघर और रामनगर होते हुए सीधे चंद्रवाड़ ग्राम पहुंची। चंद्रवाड़ पहुँचने पर पांडुक शिला पर विराजमान श्री जी की प्रतिमा का मुनि संघ के सानिध्य में विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ भव्य महामस्तकाभिषेक किया गया। जल, दूध, चंदन और अष्टद्रव्यों से हुए अभिषेक के दृश्य ने संपूर्ण वातावरण को अलौकिक और पवित्र बना दिया। विशाल प्रांगण में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। शाम को मुनि संघ की उपस्थिति में संगीतमय समूह महाआरती का आयोजन हुआ। रथ यात्रा में अध्यक्ष राजदीप जैन (रानू), ऋतिक जैन, प्रशांत जैन, दीपक जैन, कृष्णा जैन, अंशुल जैन, नवनीत जैन, लिंकल जैन, चंद्र प्रकाश जैन, संजीव जैन एडवोकेट, मनोज जैन (दद्दा), प्रिंस जैन, पारस जैन, दीपक जैन, अजय जैन एड, देवेंद्र जैन रसूलपुर, आदि मौजूद रहे।

Ravi Kumar
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