फिरोजाबाद। स्वतंत्रता दिवस पर हर घर तिरंगा अभियान के लिए खरीदे और वितरित किए जा रहे। झंडों में कथित अनियमितता और खराब गुणवत्ता को लेकर समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। सपा ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह एडवोकेट ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने 15 अगस्त के कार्यक्रमों के लिए डूडा विभाग से 1.28 लाख तिरंगे मंगाए थे। इसके एवज में डूडा द्वारा करीब 50 हजार झंडे भेजे गए। नगर निगम में इनका वितरण शुरू हुआ, तो कुछ पार्षदों ने झंडों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में झंडे कटे-फटे और पुराने हैं। इसे लेकर नगर निगम में हंगामा भी हुआ। सपा का आरोप है कि मामला सामने आने के बाद करीब 25 हजार पुराने और फटे झंडे वापस कर दिए गए। पार्टी ने इसे राष्ट्रध्वज जैसे राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीक से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए खरीद, गुणवत्ता और वितरण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में तिरंगे की खरीद और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बेहद गंभीर विषय है। सपा ने राज्यपाल से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष शफात खान राजू, शिकोहाबाद विधायक डॉ मुकेश वर्मा, पूर्व एमएलसी डॉ दिलीप यादव, सतेंद्र जैन सौली, अजीम भाई, रामसेवक यादव, रमेश चंद्र चंचल, महाराज सिंह धनगर, विश्नू सविता, राधाकृष्ण यादव, वीरी सिंह प्रधान, अनिल यादव, कमलेश यादव, विश्नू सविता, नीरज यादव, शादान हुसैन आदि मौजूद रहे।








