-जिला अदालत ने सुनाई थी मृत्युदंड की सजा
फिरोजाबाद। शिकोहाबाद के बहुचर्चित आरव हत्याकांड में फांसी की सजा पाए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मृत्युदंड के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जिला कारागार फिरोजाबाद में निरुद्ध विराज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर फांसी की सजा को माफ करने की गुहार लगाई है। इस संबंध में उसने जेल प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया है।
गौरतलब है कि 10 जुलाई को जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक निवासी शेखूपुर, सिविल लाइंस, बदायूं को डेढ़ साल के मासूम आरव की जघन्य हत्या का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। अदालत के इस फैसले के बाद से विराज जिला कारागार में निरुद्ध है।
जानकारी के मुताबिक 30 मई को रति कानूनी राय लेने शिकोहाबाद आई थी। इसी दौरान विराज उसके डेढ़ साल के बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ गली में ले गया। वहां उसने मासूम को पक्की सड़क पर बेरहमी से पटक-पटककर मौत के घाट उतार दिया। महज 27 सेकंड में मासूम को आठ बार सड़क पर पटकने की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। गंभीर चोटों के कारण आरव की मौके पर ही मौत हो गई थी। मासूम की हत्या की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विराज की तलाश शुरू की। घटना वाली रात ही पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज समेत महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष पेश किए थे।
-अब हाईकोर्ट में होगी सजा पर सुनवाई
जिला जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा जाता है। इसी बीच दोषी विराज ने भी अपने कानूनी अधिकार का प्रयोग करते हुए सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है। जेल प्रशासन को उसने इस संबंध में लिखित सूचना दी है। अब हाईकोर्ट में अपील और मृत्युदंड की पुष्टि से संबंधित कार्यवाही के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।








