फिरोजाबाद। बुरे समय में धैर्य और अच्छे समय में संयम ही सफलता कुंजी है। बुरे समय के बाद अच्छा समय आता है, जैसे रात के बाद दिन आता है। शाम के बाद सुबह आती है। इसलिए भगवान पर विश्वास करो और निरंतर पुरुषार्थ करते रहो सफलता जरूर मिलेगी। छदामी लाल जैन मंदिर में आचार्य निर्भय सागर महाराज ने प्रवचन के दौरान व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि अच्छा समय निज को जिन से जोड़ ले। कर्म करो डटकर बाकी सब प्रभु पर छोड़ दे। जिसने धोखा दिया हो उसे धोखा मत देना। धोखे में धैर्य रखना। धोखा देने वाले में परीक्षा ली है, ऐसा सदा विचार करना यहीं महानता है। मौन आत्म शांति दिलाता है खुद से परिचय कराता है आत्मज्ञान के साथ में निज का अनुभव करता है। घर गृहस्थी की झंझट मिटता है। मौन मुनि का शस्त्र है दोष ढाकने का वस्त्र है इसलिए मौन रहना चाहिए। जैसे कड़वी दवाई की गोलियां चबाई नहीं जाती है गुटक कर पचाई जाती है, वैसे ही कड़वी बातें उगली नहीं जाती बल्कि पचाई जाती हैं।
कांच पत्थर से टूट जाता है पत्थर घन से टूट जाता है लेकिन दिल और आदमी है, जो सिर्फ वाणी से टूट जाता है। इसलिए वाणी को संभाल कर बोलना चाहिए। दुख दर्द आपत्ति विपत्ति में मुस्कुराहट के साथ काम करने वाला व्यक्ति दीन दुखियों का मसीहा बनता है। धर्म सभा में विनोद जैन मिलेनियम, अजय जैन एडवोकेट, संभव प्रकाश जैन, निमेष जैन, शैलेंद्र जैन शैली, पंकज जैन, अनुज जैन तुलसी विहार, हीरालाल जैन, मीडिया प्रभारी अजय जैन बजाज आदि मौजूद रहे।








