फिरोजाबाद। जैन समाज के सबसे पवित्र और आत्म-विशुद्धि के महापर्व दशलक्षण का आज से अत्यंत भक्तिभाव और उल्लास के साथ शुभारंभ हो गया है। पर्व के प्रथम दिन नगर के सभी जिनालयों में दशलक्षण धर्म के प्रथम अंग उत्तम क्षमा धर्म की विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। सुबह से ही शहर के जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने पूर्ण विधि-विधान के साथ जिनेंद्र भगवान का अभिषेक और पूजन किया।
नगर के प्रमुख महावीर जिनालय, चंद्र प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर, महावीर दिगम्बर जैन मंदिर गांधी नगर, अजितनाथ दिगम्बर जैन मंदिर हनुमान गंज, चंद्र प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर अट्टवाला एवं अन्य स्थानीय मंदिरों में प्रातःकाल से ही गूंजते जय जिनेंद्र के जयकारों और मंत्रोच्चार से संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया। पंडितों एवं आचार्यों के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने अष्टद्रव्य से उत्तम क्षमा धर्म का पूजन अर्पण किया।
पूजन के दौरान क्षमा धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नगर मंदिरों में विराजमान आचार्य निर्भय सागर गुरुदेव, मुनि अमित सागर, मुनि एकत्व सागर एवं गुरु मां विजयमती माता ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि क्षमा आत्मा का सच्चा आभूषण है। अपने मन से क्रोध, वैमनस्य और अहंकार को त्यागकर प्राणिमात्र के प्रति करुणा और क्षमा का भाव रखना ही उत्तम क्षमा धर्म का मूल संदेश है।
धर्मसभा में विनोद जैन मिलेनियम, वीरेंद्र कुमार जैन, सुरेश जैन, निमेष जैन, पंकज जैन, शैलेंद्र शैली, विशाल जैन, अनुज जैन, अरुण जैन पीली कोठी, मीडिया प्रभारी अजय जैन बजाज, आदीश जैन आदि मौजूद रहे।








