फिरोजाबाद। प्रज्ञा हिंदी संवार्थ संस्थान ट्रस्ट एवं आदर्श विकास संस्थान द्वारा स्वामी नारदानंद सरस्वती विद्या मंदिर, महावीर नगर में हिंदी सप्ताह के अंतर्गत सरस काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण कर किया। काप्य गोष्ठी का आगाज पूरन चंद्र गुप्ता सरस्वती वंदना से किया। कवि सुबोध सुलभ ने कहा कि कुर्सियों से कुर्सियां कह रहीं थी कान में, घिन आ रही है राजनीति की दुकान में। हास्य कवि पंकज टूटपडे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि फ्री सिलेंडर मिला हुआ है घर में खाली पड़ा हुआ है, हुई योजना ठप्प बोलो लप्प लाई लप्प। ओज कवि विष्णु उपाध्याय विशु ने वीर रस से ओत-प्रोत कविता सुनाते हुए कहा कि हाय रे विधाता तूने खेल कैसा खेल दिया फूटी हुई आंख से भी आंसू फूटने लगे। कवि प्रिया चरण उपाध्याय ने कहा कि सत्ता जब-जब दर्प में, हो जाती है चूर। कृष्ण उठा गिरिराज तब, तोड़ें सभी ग़ुरूर। वरिष्ठ साहित्यकार पूरन चंद गुप्त ने कहा कि वीरों की शहादत की कहानी पढ़ा करो, दुश्मन की चाल चाल का पानी पढ़ा करो।
इसी क्रम में ब्रजभाषा के युवा कवि मृदुल माधव पाराशर, सूरज सम्राट, कौशलेंद्र कुशल कारीगर, आशी, धीरज शर्मा, संदली शर्मा, कुलदीप शुक्ल, अर्चना दुबे आदि ने भी काव्य-पाठ प्रस्तुत किया। ट्रस्ट अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन कवि प्रिया चरण उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार पूरन चंद्र गुप्ता, विनोद पचौरी, अवनीश कुमार शर्मा, राजेश दुबे आदर्श, खुशी दुबे, देवव्रत पाण्डेय, कौशल किशोर उपाध्याय, सौरभ लहरी, अनिल परिहार, शिव स्वरूप श्रोत्रिय, सचिन कुमार आदि उपस्थित रहे।








