-पूरन सिंह और मीना देवी ने मतभेद भुलाकर दोबारा साथ रहने का लिया निर्णय
फिरोजाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मध्यस्थता के सार्थक प्रयासों से दो दशक से अधिक समय से वैवाहिक रिश्ते में बंधे दंपति के जीवन में एक बार फिर खुशियां लौट आईं। पूरन सिंह बनाम मीना देवी के प्रकरण में लंबे समय से चले आ रहे आपसी मतभेदों को दूर कर दोनों ने पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। मध्यस्थता की सफलता के बाद दंपति साथ रहने के लिए रवाना हो गया।
प्रकरण में मध्यस्थ डॉ. नम्रता निश्चल त्रिपाठी ने धैर्य, संवेदनशीलता और निरंतर संवाद के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच आपसी समझ विकसित करने का प्रयास किया। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना गया और उन्हें एक-दूसरे की भावनाओं तथा दृष्टिकोण को समझने के लिए प्रेरित किया गया। लगातार किए गए प्रयासों के परिणाम स्वरूप दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और उन्होंने फिर से साथ रहने का फैसला किया। प्राधिकरण की सचिव योगेश शिवा ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के समाधान का प्रभावी और सौहार्दपूर्ण माध्यम है।
इसके जरिए पक्षकार आपसी संवाद स्थापित कर अपने मतभेदों को समझ सकते हैं और स्वेच्छा से समाधान तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सकारात्मक परिणाम मध्यस्थता की उपयोगिता को दर्शाते हैं। मध्यस्थता केवल विवादों के निस्तारण का माध्यम नहीं, बल्कि रिश्तों में आपसी समझ और विश्वास बहाल करने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। पूरन सिंह और मीना देवी का पुनः साथ रहने का निर्णय इसी प्रयास की सुखद उपलब्धि है।








