फ़िरोज़ाबाद। नगर के जैन मंदिरों में भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष निर्वाण महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आचार्य निर्भय सागर एवं गुरु माँ विजयमती माता के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू चढ़ाया।
नगर में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर प्रभु पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष निर्वाण महोत्सव अत्यंत भक्ति, श्रद्धा और अपार भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर तड़के से ही नगर के समस्त जिनालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे दिन मंदिर प्रांगण में पार्श्वनाथ भगवान के जयकारों से गुंजायमान रहे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रभु के चरणों में मोक्ष निर्वाण लाडू अर्पित किया।
आचार्य निर्भय सागर एवं गुरु माँ आर्यिका विजयमती माता के ससंघ पावन सानिध्य में नगर के प्रमुख जिनालयों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। गुरुद्वय के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन जिनालय जैननगर खेड़ा), चंद्र प्रभु जिनालय, बाहुबली दिगम्बर जैन जिनालय, शांतिनाथ दिगम्बर जैन जिनालय विभव नगर, वासुपूज्य जिनालय महावीर नगर, शीतलनाथ दिगम्बर जैन जिनालय रतनत्रय नसिया एवं सेठ छदामीलाल महावीर जैन मंदिर में बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ निर्वाण महोत्सव मनाया।
इस अवसर पर आचार्य निर्भय सागर एवं गुरु माँ विजयमती माता ने प्रभु पार्श्वनाथ के जीवन दर्शन और उनके उपसर्ग विजेता स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पार्श्वनाथ भगवान का जीवन हमें क्षमा, अहिंसा, सहनशीलता और तपस्या की प्रेरणा देता है। प्रभु ने घोर उपसर्गों को सहकर भी आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। हमें उनके बताए सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारकर आत्म-शुद्धि का प्रयास करना चाहिए।








