फिरोजाबाद। कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का समापन दिवस अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। वहीं कंठस्थ कला केंद्र, बिजनौर की टीम ने गुरु वंदना, कृष्ण जन्म, कंस वध एवं भक्त सूरदास के जीवन पर आधारित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दैनिक यजमान अजय सिंघल एवं सुमिता सिंघल द्वारा भगवान श्रीकृष्ण व राधारानी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्गदर्शक शास्त्र है, जो जीवन की जटिलताओं को सुलझाकर मोह और निराशा के अंधकार से बाहर निकालती है। उन्होंने बताया कि निष्काम भावना और ईश्वर पर अटूट विश्वास के बिना वास्तविक सुख-शांति संभव नहीं है। गीता मनुष्य को कर्तव्यों से भागना नहीं, बल्कि समभाव के साथ धर्म का पालन करना सिखाती है।
इसके पश्चात राजकुमार जैन के नेतृत्व में कंठस्थ कला केंद्र, बिजनौर की टीम द्वारा गुरु वंदना, कृष्ण जन्म, कंस वध एवं भक्त सूरदास के जीवन पर आधारित भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच पर उपस्थित कलाकारों का स्वागत शंकर गुप्ता, गोविंद मित्तल, अरुण जैन व सतीश जैन ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संचालन जीओ गीता उत्तर प्रदेश युवा प्रभारी अभिषेक क्रांति ने किया। महापौर कामिनी राठौर ने गीता पूजन कर महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने पूज्य गुरुजी को माल्यार्पण व पटका पहनाकर अभिनंदन किया।









