फिरोजाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को संस्कार शिक्षा केंद्र, इंदिरा नगर एवं कोमल पाठशाला, गंगा नगर में महिला समूहों के बीच विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों, सरकारी विधिक सहायता तथा आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
परा विधिक स्वयंसेवक अश्वनी कुमार राजौरिया ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है। बैंक ऋण, विद्युत एवं जल बिल, टेलीफोन बिल, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, चेक बाउंस, राजस्व तथा अन्य समझौता योग्य मामलों का आपसी सहमति से सरल, शीघ्र और कम खर्च में निस्तारण कराया जा सकता है।
लोक अदालत न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विधिक विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समाधान बताया गया। महिलाओं को उनके अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं न्याय तक पहुंच से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई।








