फिरोजाबाद। प्रत्येक भारतीय स्त्री और पुरुष दोनों के वस्त्र शालीन होना चाहिए। हमारे पहनावे में हमारी भारतीय संस्कृति और संस्कार झलकना चाहिए। हमें पाश्चात्य संस्कृति की नकल नहीं करना चाहिए। खासकर धार्मिक स्थान पर पूर्णता मान मर्यादा और शालीनता के साथ श्रद्धा भक्ति का ध्यान रखना चाहिए। यह उपदेश आचार्य निर्भय सागर महाराज ने छदामीलाल जैन मंदिर धर्मसभा के दौरान दिए।
आचार्य श्री ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थान पर भक्ति आराधना करने के लिए नहा धोकर साफ शुद्ध वस्त्र पहनकर जाना चाहिए। हमारी शुद्ध आत्म विशुद्ध का कारण होती है। प्रभु, गुरु, वैद्य, रिश्तेदार और राजा के यहां खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। दान पूजा आदि धार्मिक क्रिया करते समय शुद्धि मन, शुद्धि वचन, शुद्धि कार्य शुद्धि रखना, तिलक लगाना और सिर ढकना आवश्यक ह।ै इस प्रकार विधिपूर्वक कार्य करने से ही हमारे कार्य की सिद्धि होती है। आचार्य श्री ने भारतीय क्रिकेटर सारांश जैन इंदौर के भारतीय क्रिकेट टीम में चयन किए जाने पर शुभकामना सहित आशीर्वाद प्रदान किया।
उन्होंने बताया की सारांश जैन आलराउंडर है। अपनी स्पिन गेंदबाजी और बल्लेबाजी से अपना बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। धर्म सभा में विनोद जैन मिलेनियम, अरुण जैन पीली कोठी, अजय जैन एड, ललितेश जैन, संभव प्रकाश जैन, निमेष जैन, शैलेंद्र शैली, पंकज जैन, अनुज जैन तुलसी विहार, राजेश जैन, अजय जैन बजाब, राज जैन, आदीश जैन आदि मौजूद रहे।








