फिरोजाबाद। रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर नगर के प्रमुख जैन मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों एवं गुरु भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली। महावीर जिनालय में वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर गुरुदेव के मंगल सानिध्य में 11 वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांश नाथ का निर्वाण महोत्सव अत्यंत भक्तिभाव एवं हर्षाेल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने प्रभु के मोक्ष कल्याणक पर भक्तिपूर्वक निर्वाण लाडू समर्पित किया। गुरुभक्तों ने 700 मुनियों की विशेष पूजा-अर्चना कर वात्सल्य भाव प्रकट किया।
रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर श्रद्धालुओं ने आचार्य निर्भय सागर महाराज की संयम की प्रतीक पिच्छी पर रक्षा सूत्र बांधकर गुरु संरक्षण एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गुरुदेव ने रक्षाबंधन पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि हस्तिनापुर के राजा बलि ने द्वेष और अहंकारवश 700 मुनियों की साधना में बाधा डालने के लिए क्रूर षड्यंत्र रचा। उसने मुनियों के चारों ओर कांटेदार बाड़ लगवा दी और नरमेध यज्ञ (मानव बलि का स्वाँग) का नाम देकर उसमें जानवरों की हड्डियां, मांस, चमड़ा और गंदगी जलानी शुरू कर दी। इस कुकृत्य से चारों ओर भयंकर दुर्गंध, दूषित वायु और गर्मी फैल गई। सात सौ दिगम्बर साधु इस भीषण कष्ट को बिना किसी प्रतिक्रिया के शांत भाव से सहन करते हुए अपनी साधना में लीन रहे। इस भयंकर संकट की सूचना जब महामुनि विष्णुकुमार को मिली, तो उन्होंने साधुओं की रक्षा करने का संकल्प लिया।
विष्णुकुमार मुनि ने अपनी विशेष ‘विक्रिया ऋद्धि’ (तपबल से प्राप्त दैवीय शक्ति) के बल पर अपने शरीर का आकार बहुत विशाल कर लिया और राजा बलि के घमंड को तोड़ते हुए मुनियों के प्राणों की रक्षा की। तभी से यह रक्षाबंधन पर्व मनाया जाने लगा। वहीं बाहुबली दिगंबर जैन जिनालय में गुरु मां विजयमती माताजी के पावन सानिध्य में भी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। यहाँ श्रद्धालुओं ने 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांश नाथ के चरणों में निर्वाण लाडू अर्पित किया। मातृवत वात्सल्य बरसाने वाली गुरु मां विजयमती माता की पिच्छी पर श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से निर्मित स्वर्ण एवं रजत (सोने व चांदी के) रक्षा सूत्र बांधे।
इस दौरान पूरा जिनालय परिसर भगवान के जयकारों और गुरु भक्ति के भजनों से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में डॉ अभिषेक जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन, पवन जैन लाल, आदीश जैन, प्रतीक जैन, प्रणाम्य जैन, महेंद्र जैन, राहुल जैन, अरुण जैन, गौरव जैन, अनंत जैन, प्रियंक जैन, राजेंद्र जैन, डॉ धीरेंद्र जैन, मुकेश जैन, राजेश जैन आइडिया, अरुण जैन पीली कोठी, सचिन जैन, प्रदीप जैन, निमिष जैन, शैलेंद्र जैन, विनोद मिलेनियम, अजय जैन एड, मयंक जैन माइक्रोटेक, राहुल जैन आदि सैकड़ों जिनभक्त उपस्थित रहे।






