– धू-धूकर जला लंकापति रावण का पुतला, हुई आतिशबाजी
-पुलिस प्रशासन ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था की कमान, उमड़ी भीड़
फिरोजाबाद। तदर्थ प्रशासनिक रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में अहिरावण व रावण वध, सीता जी की अग्नि परीक्षा, विभीषण का राज्याभिषेक आदि लीलाओं का मंचन हुआ। रावण वध की लीला देखने को रामलीला मैदान खचाखच भड़ गया। वहीं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।

उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध रामलीला में रावण अपने भाई अहिरावण के साथ मिलकर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के वध की योजना बनाता है। अहिरावण छलपूर्वक दोनों भाइयों को उठाकर पाताल लोक ले जाता है। रामादल में श्रीराम और लक्ष्मण के न मिलने पर सभी चिंतित हो जाते हैं। इसके बाद हनुमान जी उनकी खोज में निकल पड़ते हैं और पाताल लोक पहुंचकर अहिरावण का वध कर दोनों भाइयों को मुक्त कराकर वापस ले आते हैं। अहिरावण के मारे जाने के बाद रावण की सेना में कोई ऐसा योद्धा नहीं बचता, जो भगवान श्रीराम से युद्ध कर सके। अंततः रावण स्वयं युद्धभूमि में उतरता है। भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध होता है, लेकिन रावण का वध नहीं हो पाता। तब विभीषण श्रीराम को बताते हैं कि रावण की नाभि में अमृत है। इसके बाद भगवान श्रीराम नाभि पर बाण चलाते हैं, जिससे रावण धराशायी हो जाता है।

रावण वध होते ही पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठता है। सीता को राम के समक्ष लाया जाता है, सीता जी अग्निपरीक्षा होती है। भगवान राम ने धर्म और सत्य का साथ देने वाले रावण के छोटे भाई विभीषण का पूरे विधि-विधान और राजकीय सम्मान के साथ लंका के राज सिंहासन पर राज्याभिषेक किया। वहीं रामलीला मैदान में रावण का पुतला दहन हुआ। इस दौरान आतिशबाजी का अदभूत नजारा देखने को मिला। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय, एसडीएम सदर सुदर्शन कुमार, तहसीलदार सुशील कुमार, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर, सदर विधायक मनीष असीजा, महापौर कामिनी राठैार, श्याम सिंह यादव, रामनरेश कटारा, पं. मुन्नालाल शास्त्री, पीके पाराशर, हरिओम वर्मा, डॉ अमित गुप्ता, सतीश चंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।








