-पार्षदों ने निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को कार्यमुक्त करने की उठाई मांग
-सदन की बैठक में 65 प्रस्ताव पर हुई चर्चा
फिरोजाबाद। नगर के पालीवाल हॉल में बुधवार को नगर निगम सदन की बैठक शुरू होते ही शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर हंगामा और तीखी बहस का दौर शुरू हो गया। पार्षदों ने सफाई, जलभराव, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। पार्षदों की मांग पर सदन में मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर कर दिया गया।
महापौर कामिनी राठौर की अध्यक्षता, नगर आयुक्त प्रशांत नागर की मौजूदगी में नगर निगम की सदन की बैठक पालीवाल हॉल में लगभग 11.30 बजे प्रारम्भ हुई। बैठक में पार्षदों ने कहा कि शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी हुई है और स्ट्रीट लाइट की छोटी-छोटी शिकायतों का भी समाधान नहीं हो रहा है। समस्याओं को लेकर पार्षदों के साथ जनता भी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर है। पार्षदों ने कहा कि स्थिति यह है कि विरोध में महापौर के पुतले तक जलाए जा रहे हैं, इसके बावजूद संबंधित अधिकारी गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं। महापौर कामिनी राठौर ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि पार्षदों और जनता की समस्याओं का समय से निदान नहीं होना गंभीर विषय है। शहर में सफाई, पानी और लाइट जैसी मूलभूत समस्याएं तक दूर नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो सभी संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध शासन को पत्र भेजा जाएगा। महापौर ने कहा कि किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा और शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को जनता और पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका निस्तारण कराने के निर्देश दिए।

पार्षद कासिम सिद्दीकी ने अधिकारियों पर गैर जिम्मेदारी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी कार्यप्रणाली के कारण जनता गंदगी और जलभराव जैसी समस्याओं से परेशान है। उन्होंने कहा कि शहर की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह स्वयं भी पार्षदों के साथ धरने पर बैठेंगे। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट का काम देख रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। इसके अलावा पार्षदगण नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को कार्यमुक्त किए जाने की मांग पर अड़े रहे। नगर निगम सदन की बैठक में कुल 65 प्रस्ताव रखे गए। प्रस्तावों के साथ शहर की विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान पार्षदगण, नामित पार्षद, निगम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।








