फिरोज़ाबाद। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित नारायण दिव्यांग सेवा समिति का 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का पुरस्कार वितरण के साथ समापन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. राधेश्याम कुशवाह ने कहा कि नारायण दिव्यांग सेवा समिति ने दिव्यांग बहनों को हुनरमंद बनाकर समाज में सिर उठाकर जीने का अवसर दिया है। उन्होंने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए घोषणा की कि आने वाले समय में वे स्वयं समिति के सहयोग से एक भव्य प्रशिक्षण कैंप का आयोजन करवाएंगे। कार्यक्रम में आरसेटी के संकाय सदस्य राहुल और दिव्यांग दीदी पूनम पांडे ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बहनों की व्यावहारिक परीक्षा ली। दोनों परीक्षकों ने बहनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता देखकर संस्था के प्रबंधन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और आरसेटी के निदेशक आनंद मोहन सिंह तथा संरक्षक अभय कुलश्रेष्ठ ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी 35 दिव्यांग बहनों को प्रमाण पत्र वितरित किए। बहनों ने बताया कि इस 12 दिनों के शिविर में उन्हें मोमबत्ती, अगरबत्ती, समरानी कप, गाय के गोबर से छोटी-बड़ी कलात्मक मूर्तियां, दीपक, हार्पिक और कपड़े धोने का साबुन बनाने का गहन प्रशिक्षण मिला है। इस हुनर की बदौलत अब वे अपने घरों से ही छोटा व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को शिक्षा और रोजगार से जोड़कर समाज की अंतिम पंक्ति से मुख्यधारा में लाना है। कार्यक्रम में समिति के प्रदेश सचिव दिनेश सिंह राठौर, प्रदेश महासचिव विनोद कुमार राठौर, महिला मोर्चा सचिव यमशी सहित संस्था के तमाम पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।








