-नगर के जैन मंदिरों में भक्तिभाव से हुई उत्तम सत्य धर्म की पूजा-अर्चना
फिरोजाबाद। दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर रविवार को नगर के सभी जैन मंदिरों में धर्म और भक्ति की अद्भुत सरिता प्रवाहित हुई। पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का पूजन पूरे विधि-विधान और हर्षाेल्लास के साथ किया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहाँ संगीतमय भजनों की स्वर लहरियों के बीच सामूहिक पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर गुरुदेव एवं गुरु मां विजयमती माता ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवल सच बोलना ही सत्य धर्म नहीं है, बल्कि ऐसा वचन बोलना जो प्राणिमात्र के लिए हितकारी, मधुर और कल्याणकारी हो, वही सच्चा सत्य धर्म है। वाणी में मिठास, सरलता और संयम रखना ही आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
नगर के प्रमुख जिनालयों शांतिनाथ जिनालय बड़ी छपेटी, अजितनाथ जिनालय बड़ा मोहल्ला, शांतिनाथ जिनालय ओमनगर, महावीर जिनालय लक्ष्मी नगर, मुनिसुव्रत नाथ जिनालय न्यू तिलक नगर में प्रातः श्री जी के जिज्ञाभिषेक ईवी शांतिधारा के पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा सोलह कारण भावना, दस धर्म एवं पंच मेरु विधान की सामूहिक एवं संगीतमय पूजा आयोजित की गई। ढोल-नगाड़ों और वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालुओं ने अर्घ्य समर्पित किए। भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा वातावरण धर्ममय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।








