फिरोजाबाद। जैन नगर खेड़ा स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर में मंगलवार को भव्य सहस्रनाम विधान, चौतन्य चमत्कारी पार्श्वनाथ भगवान पर स्वर्ण छत्र समर्पित समारोह तथा वार्षिक जलधारा महोत्सव भक्तिभाव और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भयसागर महाराज के पावन सानिध्य में धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए। विधानाचार्य पंडित पारस जैन शास्त्री के कुशल मंत्रोच्चार एवं निर्देशन में श्रद्धालुओं ने विधान की क्रियाएँ विधि-विधान से पूर्ण कीं। धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत प्रातः सूर्याेदय के पश्चात प्रभु श्री जिन का जियानाभिषेक एवं शान्तिधारा के साथ हुई। इसके पश्चात संगीतमय पूजन एवं श्री सहस्रनाम विधान का आयोजन किया गया। इसके बाद इंद्र स्वरूप धारण किए पुरुष श्रद्धालुओं द्वारा श्री पार्श्वनाथ भगवान को भव्य स्वर्ण छत्र समर्पित किया गया, जिससे संपूर्ण मंदिर प्रांगण जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
सायंकाल भव्य जलधारा महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों ने भी स्वर्ण मुकुट के साथ इंद्र स्वरूप धारण कर प्रासुक जल से श्री जी का जिनाभिषेक किया। इस दौरान घंटे घड़ियाल की मधुर ध्वनि से समूचा वातावरण गुंजायमान हो गया। मंदिर कमेटी द्वारा वृद्धजनों का अभिनंदन कर वृद्धजन सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें अक्षय देवी जैन, चंद्र प्रभा जैन, सूरज मुखी जैन, पद्म जैन, बाबूलाल जैन, कैलाश चंद्र जैन आदि वृद्धजनों को शॉल ओर पीट दुपट्टा उड़ाकर सम्मानित किया गया। पश्चात दशलक्षण महापर्व के दस दिनों में व्रत उपवास इव निर्जला करने वाले जिन भक्तों को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान रमेश चंद्र जैन भगत, डॉ भानु कुमार जैन, विनोद जैन बौहरे, महेश चंद्र जैन, स्नेह कुमार जैन, मुकेश जैन गोटा, रविंद्र जैन, प्रफुल्लित जैन, डेविड जेन, राजेश जैन, मुकेश रॉयल, दीपक जैन, विशाल जैन, सचिन जैन, संजय जैन, हैप्पी जैन, रजत जैन, गौरव जैन, मनोज जैन, राजीव जैन, नीतेश जैन, मनोज जैन गोटा, ज्योति जैन, कामिनी जैन, रश्मि जैन, अनीता जैन, सपना जैन, पूजा जैन, नीरू जैन, शशि जैन आदि मौजूद रहे।









