-नगला महासुख में खोया, घी, मिश्रित दूध और एसएमपी पाउडर समेत खाद्य पदार्थों के नौ नमूने किये संकलित
फिरोजाबाद। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए मिलावटी और अधोमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। मंगलवार देर रात खाद्य विभाग की टीम ने सिरसागंज क्षेत्र के नगला महासुख में छापेमारी कर खोया, घी, मिश्रित दूध और एसएमपी पाउडर समेत खाद्य पदार्थों के नौ नमूने लिए। कार्रवाई के दौरान करीब 1,000 किलोग्राम खोया, जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 लाख रुपये बताई गई है, मौके पर नष्ट कराया गया। वहीं दो लोगों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सहायक आयुक्त खाद्य चंदन पाण्डेय के नेतृत्व में टीम रात करीब 12 बजे नगला महासुख पहुंची। पुलिस बल और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कप्तान सिंह के परिसर से घी, अपमिश्रक, खोया, मिश्रित दूध और एसएमपी पाउडर के छह नमूने लिए गए। यहां करीब 600 किलोग्राम खोया मिला, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई। इसे नियमानुसार मौके पर नष्ट करा दिया गया। इसके बाद धर्म सिंह के परिसर से खोया और एसएमपी पाउडर के दो नमूने लिए गए। यहां करीब 400 किलोग्राम खोया मिला, जिसकी अनुमानित कीमत एक लाख रुपये बताई गई। इसे भी मौके पर नष्ट कराया गया। वहीं विक्रम सिंह के परिसर से खोया का एक नमूना संग्रहित किया गया। खाद्य विभाग ने सभी नौ नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान कप्तान सिंह और धर्म सिंह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। कार्रवाई से पहले सहायक आयुक्त खाद्य चंदन पाण्डेय ने उपजिलाधिकारी सिरसागंज से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस बल और नायब तहसीलदार एनपी सिंह को टीम के साथ लगाया गया। अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. तुलिका शर्मा सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद वर्मा, संदीप कुमार, मनोज कुमार, यशपाल यादव और अरुण कुमार शामिल रहे। खाद्य विभाग ने रक्षाबंधन पर लोगों से प्रतिष्ठित और स्वच्छ प्रतिष्ठानों से ही मिठाई खरीदने की अपील की है।






