फिरोजाबाद। अखिल भारती देववाणी परिषद एवं संस्कृत भारती परिवार द्वारा शिव महापुराण एवं रूद्रमहायज्ञ का आयोजन नगर के पालीवाल हॉल में किया जा रहा है। कथा वाचक प्रणवपुरी महाराज ने शिवमहापुराण कथा का वर्णन करते हुए कहा कि तारकासुर के अत्याचार से जब सभी देवता त्रस्त हो गए, तब तारकासुर के वध के लिए भगवान शिव और माता पार्वती के तेज से कार्तिकेय का जन्म हुआ। छह कृतिकाओं द्वारा पालन-पोषण होने से उनका नाम कार्तिकेय पड़ा। आगे चलकर बाल्यावस्था में ही उन्होंने महापराक्रमी तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया।
उन्होने भगवान गणेश के जन्म का मनमोहक वर्णन करते हुए कहा कि माता पार्वती ने अपने उबटन से एक बालक की रचना की और उन्हें द्वारपाल के रूप में नियुक्त किया। जब भगवान शिव आए तो बालक ने उन्हें रोक दिया। क्रोधवश भगवान शिव ने उनका मस्तक धड़ से अलग कर दिया। माता पार्वती के विलाप करने पर भगवान शिव ने गज के मस्तक को जोड़कर उन्हें पुनः जीवित किया और प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया। उन्होंने कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भोलेनाथ दुष्टों का संहार कर धर्म की स्थापना करते हैं।
कथा में आईएमए अध्यक्ष डॉ जलज गुप्ता, सचिव डॉ विनोद अग्रवाल, सदर विधायक मनीष असीजा, डॉ देवेंद्र शास्त्री, यज्ञपति नीरज जिंदल, शिल्पा जिंदल, प्रधान यजमान राकेश गोयल, मीरा गोयल, विनोद चतुर्वेदी, दीपक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, विक्की अग्रवाल, प्रशांत अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, भोलेश्वर दीक्षित, ब्रम्हानंद यादव, गौरव गोयल आदि मौजूद रहे।






