फिरोजाबाद। नगर के पालीवाल हॉल शिव महापुराण कथा की अमृत वर्षा प्रतिदिन हो रही है। कथा व्यास प्रणवपुरी महाराज ने हिमालय राज की पुत्री माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ के विवाह के प्रसंग का अद्भूत वर्णन कर भक्तगणों को आंनदित कर दिया।
उन्होंने कहा कि पूर्व जन्म में सती के रूप में देह त्याग के बाद, दूसरे जन्म में माता ने हिमालय राज की पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया। बचपन से ही माता के मन में पुनः भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने की अभिलाषा थी। माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की। उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ ने उन्हें दर्शन दिए और विवाह के लिए स्वीकार किया। भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह देवताओं, ऋषि-मुनियों और समस्त शिवगणों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ, जिससे सम्पूर्ण सृष्टि आनंदित हो उठी।
उन्होंने कहा कि शिव-पार्वती का यह मिलन केवल एक विवाह नहीं, बल्कि ज्ञान और शक्ति, त्याग और प्रेम के मिलन का प्रतीक है। कथा से पूर्व डॉ देवेंद्र शास्त्री और राकेश गोयल ने व्यास गद्दी का पूजन कर आरती की। सोमवार को कथा में भगवान भोलेनाथ की वर्फ निर्मित शिवलिंग की झांकी सजाई गई। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने भगवान भोलेनाथ की आरती उतारकर झांकी का शुभारम्भ किया। कथा में देवब्रत पांडेय, धीरेन्द्र भारद्वाज, ब्रजेश यादव, राजेश दुबे आदर्श, सजल अग्रवाल, गौरव गोयल, दीपक अग्रवाल, वीरेंद्र, नवीन शर्मा, राजबर्धन सिंह, प्रशांत अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।








