फिरोजाबाद। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भदोही से सपा की सांसद फूलन देवी की जन्म जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन शोषित वर्गों के प्रतिरोध और सशक्तिकरण का एक अनूठा प्रतीक है।
सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा फूलन देवी ने फरवरी 1983 में मध्य प्रदेश के भिंड में अपने हथियार डाल दिए और आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने लगभग 11 साल जेल में बिताए। रिहा होने के बाद, उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 1996 में, उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज कर संसद में पहुंची। शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा ने कहा कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान वह महिलाओं और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ती रहीं। दुर्भाग्यवश, 25 जुलाई 2001 को नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास के बाहर बदमाशों द्वारा उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका जीवन शोषित वर्गों के प्रतिरोध और सशक्तिकरण का एक अनूठा प्रतीक है।
पूर्व विधायक रामवीर सिंह ने कहा फूलन देवी ने 11 साल तक ग्वालियर और अन्य जेलों में बिताए। 1994 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज कई मामले वापस ले लिए और उन्हें रिहा कर दिया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। 1996 में, उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीतकर संसद (लोकसभा) पहुंचीं। इसके बाद 1999 में वह फिर से सांसद चुनी गईं। बैठक में पूर्व विधायक रमेश चंद चंचल, पूर्व विधायक अजीम भाई, महानगर अध्यक्ष जरार अहमद राजू, विनोद गौतम, अशोक यादव, अनीता राजपूत, सतीश कुमार यादव, चरण सिंह यादव, प्रथम सिंह यादव, शम्मी कपूर, योगेश गर्ग, कमलेश यादव, नीरज यादव, वीरी सिंह प्रधान, मुकेश कुमार टीटू, सत्येंद्र जैन सोली, लोकेश यादव, जमुना कठेरिया, राजकुमार राठौर आदि मौजूद रहे।








