फिरोजाबाद। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें एक लाख 84 हजार 298 वादों का निस्तारण कर अर्थदण्ड एवं समझौता राशि के रूप में 15 करोड़, 42 लाख, 23 हजार 508 रू. रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डॉ बब्बू सारंग ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को आमजन के अधिक निकट लाने का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से वादों का निस्तारण आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर सरल, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों की विशेषता यह है कि यहाँ विवादों के समाधान में केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संवाद, विश्वास एवं समझ को भी महत्व दिया जाता है, जिससे विवादों का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान संभव हो पाता है।
प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि लोक अदालतें पारिवारिक विवादों के समाधान का प्रभावी मंच हैं। इनके माध्यम से पक्षकारों के मध्य आपसी समझ एवं सौहार्द स्थापित करते हुए विवादों का समाधान कराया जाता है, जिससे परिवारों में शांति एवं सद्भाव बना रहता है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जनसामान्य से अपील की कि वे लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपने विवादों का समाधान आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में कराएं। प्राधिकरण सचिव योगेश शिवा ने बताया कि इस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, विद्युत एवं जल बिल संबंधी मामले सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 184298 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें अर्थदण्ड एवं समझौता राशि कुल 15,42,23,508 रुपये रही। इस दौरान मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी महेन्द्र सिंह, नोडल अधिकारी एवं अपर जिला न्यायाधीश देवदत्त, एसएसपी आदित्य, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) कल्पना जयसवाल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।








