फिरोजाबाद: नगर निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

-218 में से 215 निविदाएं निरस्त, केवल तीन फर्मों को तकनीकी रूप से योग्य घोषित करने पर शिकायत

फिरोजाबाद। नगर निगम की मैन पावर आपूर्ति से संबंधित निविदा की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ठेका सफाई कर्मचारी संघ ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर निविदा की समय-सीमा में बार-बार किए गए विस्तार, तकनीकी मूल्यांकन में बड़ी संख्या में निविदाओं के निरस्तीकरण तथा चयनित फर्मों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार निविदा 29 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की गई थी। इसके बाद इसकी अंतिम तिथि में एक से अधिक बार परिवर्तन किया गया और अंततः अंतिम तिथि 5 जून 2026 निर्धारित हुई। शिकायत में कहा गया है कि प्रारंभिक अवधि समाप्त होने के निकट अंतिम तिथि बढ़ाकर 29 मई 2026 तथा बाद में पुनः 5 जून 2026 किए जाने की प्रक्रिया की जांच आवश्यक है। साथ ही जिलाधिकारी द्वारा जारी सॉल्वेंसी प्रमाण-पत्र के स्थान पर बैंक सॉल्वेंसी स्वीकार किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

शिकायत में बताया गया है कि तकनीकी निविदा के मूल्यांकन के बाद कुल 218 निविदादाताओं में से 215 को निरस्त कर दिया गया, जबकि केवल तीन फर्मों को तकनीकी रूप से योग्य घोषित किया गया। इनमें मेसर्स साईनाथ सेल्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स जय मातादी ट्रेडर्स तथा मेसर्स अग्रवाल एंड कंपनी शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने सभी 215 निविदाओं के निरस्तीकरण के कारणों का स्वतंत्र रूप से परीक्षण कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सभी निविदादाताओं पर समान पात्रता मानदंड लागू किए गए थे या नहीं।

-चयनित फर्मों के दस्तावेजों के सत्यापन की मांग

शिकायत में मेसर्स साईनाथ सेल्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के दस्तावेजों की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने मूल तकनीकी निविदा और ऑनलाइन अपलोड किए गए दस्तावेजों का परीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि निष्पक्ष जांच तक आगे की कार्रवाई रोकी जाएं। वार्ता के दौरान विनय बाल्मीकि, विकास चंद्र बाल्मीकि आदि मौजूद रहे।

Ravi Kumar
Ravi Kumar
Articles: 532

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *