-परिवार को मीडिया से मिली जानकारी, घर पहुंचकर लोगों ने दी बधाई
फिरोजाबाद। राम मंदिर ट्रस्ट में निर्मला यादव को सदस्य बनाए जाने की खबर से शिकोहाबाद स्थित उनके परिवार में खुशी का माहौल है। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी पहले नहीं थी। उन्हें मीडिया के माध्यम से निर्मला यादव को ट्रस्ट में सदस्य बनाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद बधाई देने वालों का घर पहुंचने और फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया।
निर्मला यादव की जेठानी बिना यादव ने बताया कि जब मीडिया के लोग घर पहुंचे तो उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि परिवार को उम्मीद थी कि निर्मला यादव को किसी विश्वविद्यालय में कुलपति बनाया जा सकता है, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट में सदस्य बनाए जाने की खबर सुनकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने इसे परिवार के लिए गौरव की बात बताया। निर्मला यादव मूल रूप से एटा की रहने वाली हैं। उनका विवाह शिकोहाबाद के उरावर के जमींदार परिवार में हुआ था।
शिकोहाबाद में उनका परिवार उरावर हाउस के नाम से जाना जाता है। उनके पति हरेंद्र सिंह यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं। परिवार के मुताबिक, उरावर हाउस कभी संघ और जनसंघ की गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र रहा। उस समय संघ और जनसंघ के कई वरिष्ठ नेता यहां आते थे और बैठकों का आयोजन होता था। परिवार की ओर से उनके ठहरने, भोजन आदि की व्यवस्था भी की जाती थी।
शिक्षा के क्षेत्र में रहा लंबा योगदान
निर्मला यादव शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहीं। वह बीडीएम डिग्री कॉलेज की प्राचार्या रहीं। इसके बाद उन्होंने फिरोजाबाद के स्टेशन रोड स्थित महात्मा गांधी महाविद्यालय में भी प्राचार्या के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2021 में वह सेवानिवृत्त हुईं। निर्मला यादव की एक बेटी श्वेता है, जिसका विवाह हो चुका है। उनके दामाद बीएसएफ में अधिकारी हैं और वर्तमान में जोधपुर में तैनात बताए गए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद निर्मला यादव परिवार से मिलने-जुलने के लिए शिकोहाबाद आती-जाती रहती हैं। परिवार में उनकी जेठानी और जेठानी की पुत्रवधू मौजूद मिलीं।





