-महर्षि बाल्मीकि जयंती से पूर्व सफाई, रंगाई-पुताई, प्रकाश व पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग
फिरोजाबाद। छारबाग स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम नगर निगम की कथित उपेक्षा के चलते बदहाली का शिकार है। 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के आयोजन से पूर्व व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय ठेका सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने नगर निगम परिसर में अपर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने आश्रम स्थल का निरीक्षण कर वहां व्याप्त गंदगी और कंटीली झाड़ियों की स्थिति पर चिंता जताई। संघ अध्यक्ष आचार्य कृष्ण मुरारी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भगवान ने संस्कृत के प्रथम महाकाव्य रामायण की रचना कर सामाजिक समरसता, सद्भावना, सत्य, दया, प्रेम, करुणा और मर्यादा का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। इसके बावजूद उनके आश्रम स्थल की उपेक्षा होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी और कंटीली झाड़ियों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
प्रांतीय महामंत्री योगेश सरन ने बताया कि संघ की ओर से महर्षि वाल्मीकि द्वार के निर्माण सहित आश्रम के विकास के लिए पूर्व में सदर विधायक, महापौर और नगर आयुक्त को कई बार लिखित मांगपत्र एवं ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस ओर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि जयंती से पूर्व आश्रम की रंगाई-पुताई, सफाई, टूट-फूट की मरम्मत, बैठने के लिए सीमेंटेड कुर्सियों, प्रकाश एवं पेयजल की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही दम्मामल नगर स्थित महर्षि वाल्मीकि भगवान द्वार का निर्माण शीघ्र कराने तथा शहर की सभी वाल्मीकि बस्तियों में स्थित वाल्मीकि धर्मस्थलों एवं प्रतिमाओं की सफाई, रंगाई-पुताई और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की गई।
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वाल्मीकि समाज एवं सफाई कर्मचारी संघ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। इस अवसर पर कर्मचारी नेता अशोक मोती वाल्मीकि, जालिम सिंह, विनय चौहान, पवन दीप चौहान, सोनू चौहान, रोबिन सिंह, अमन दयाल, शिवालय चौहान, अमन शंखवार, राम कुमार, अमित राय आदि मौजूद रहे।








