-रामलीला मैदान में विराट कुश्ती दंगल 21 को
फिरोजाबाद। तदर्थ प्रशासनिक रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव में मेघनाथ लक्ष्मण युद्ध, लक्ष्मण द्वारा मेघनाथ का वध, सुलोचना का सती होना आदि लीलाओं का मंचन किया गया। वहीं सुलोचना सती की लीला को देखने रामलीला मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध रामलीला में कुंभकरण के मारे जाने से रावण दुखी हो जाता है और मेघनाथ को युद्ध के लिए भेजता है। मेघनाथ और लक्ष्मण के बीच भंयकर युद्व होता है। मेघनाथ ने ब्रहमास्त्र, शिव अस्त्र और विष्णु अस्त्र का प्रयोग किया। तीनों ही अस्त्र विफल होकर हो गये। तब मेघनाथ रावण के पास जाता है और कहता है कि राम, लक्ष्मण कोई देवीय अवतार है। मेघनाथ में रावण को समझाने का प्रयास नहीं किया और पिता की आज्ञा लेकर युद्व भूमि में आ गया। दोनों के बीच युद्व होता है और लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते है।

मेघनाथ की एक भुजा सुलोचना के पास जा गिरती है और मेघनाथ की मृत्यु का समाचार बताती है। मेघनाथ की मृत्यु का समाचार मिलने पर उसकी पत्नी सुलोचना रामदल में पहुंचती है और भगवान श्रीराम से अपने पति का सिर मांगती है। श्रीराम करुणा सम्मान पूर्वक मेघनाथ का सिर सौंप देते हैं। इसके बाद सुलोचना अपने पति के सिर के साथ सती हो जाती है। सुलोचना सती की लीला देखने के लिए रामलीला मैदान खचाखच भर गया। वहीं पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था संभाली।
वहीं सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय व श्याम सिंह यादव ने बताया कि रामलीला मैदान में 21 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे विराट कुश्ती दंगल का आयोजित किया जायेगा। जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान के नामी गिरामी पहलवान भाग लेंगे। दंगल में मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष असीजा, विशिष्ट अतिथि महापौर कामिनी राठौर, भाजपा महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर, जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह मौजूद रहे।
लीला मंचन के दौरान अध्यक्ष्स विनोद कुमार पंाडे, सचिव सुदर्शन कुमार, एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह, श्याम सिंह यादव, पं. मुन्नालाल शास्त्री, रामनरेश कटारा, पीके पाराशर, हरिओम वर्मा, डॉ. मंयक भटनागर, डॉ अमित गुप्ता, नितेश अग्रवाल जैन, अनूप झा, विजय कुशवाहा, उमेश शर्मा, वीनेश शर्मा, प्रमोद राजोरिया, सतीश प्रजापति आदि मौजूद रहे।








