-मतदाता सूची की विसंगतियों की जांच की मांग
फिरोजाबाद। कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान के अधिकार का मुद्दा उठाया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक आबिद कश्मीरी ने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटना लोकतंत्र की हत्या के समान है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो और किसी का मताधिकार प्रभावित न हो। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब उसे देना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने महाराष्ट्र में वर्ष 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 39 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने तथा बेंगलुरु के महादेवपुरा क्षेत्र में एक लाख से अधिक कथित संदिग्ध प्रविष्टियों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने मतदाता सूची की विसंगतियों और सॉफ्टवेयर प्रबंधन से संबंधित आपत्तियों की जांच कराकर जानकारी सार्वजनिक करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे एवं एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
साथ ही मतदाता सूची से हटाए गए 13.3 करोड़ नामों की समीक्षा कर पात्र नागरिकों के नाम बहाल करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने तथा मतदाता डेटा मशीन-पठनीय डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध कराने की मांग उठाई। पार्टी ने नाम हटाए जाने पर संबंधित मतदाताओं को स्पष्ट सूचना देने और अपील की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव, महानगर अध्यक्ष शफात खान राजू, वरिष्ठ नेता हाजी सईद पटेल, प्रकाश निधि गर्ग, पीसीसी सदस्य हाजी नसीर अहमद, जिला महासचिव उमर फारूक, गुलाम जिलानी, युवा जिलाध्यक्ष चांद कुरैशी, युवा नगर अध्यक्ष मिर्जा मजहर बेग तथा सेवादल नगर अध्यक्ष एवं पार्षद लालाराईन गांधी आदि मौजूद रहे।






