फिरोजाबाद। “आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति ने राज्य सरकार से मानदेय बढ़ाने की मांग की है। समिति ने ई-कवच (म-ज्ञंअंबी) पोर्टल की खामियों को दूर करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (छभ्ड) में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की भी अपील की है।
समिति के संरक्षक आशीष तिवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि आशा और संगिनी कार्यकत्रियां जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें उनके कार्य के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। आशा और संगिनी कार्यकत्रियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने, टीकाकरण अभियान, सर्वे कार्य और ई-कवच पोर्टल पर डेटा फीडिंग जैसे कई अतिरिक्त कार्य करने पड़ते हैं।
इन कार्यों के लिए उन्हें उचित भुगतान नहीं मिलता है। समिति ने मांग की है कि आशा कार्यकत्रियों को 15,000 रुपये और संगिनी कार्यकत्रियों को 24,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि पूरा भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में हो, ताकि किसी भी तरह की कटौती या अनियमितता से बचा जा सके।
