फिरोजाबाद: कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य पाठ खूब बटोरी तालियां 

फिरोजाबाद: कवि सम्मेलन में कवियों ने काव्य पाठ खूब बटोरी तालियां 

फिरोजाबाद। समाजसेविका सरोज सिहं निडर की स्मृति में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने अपने काव्यपाठ के माध्यम लोगों को खूब हंसाया। 

सरस्वती शिशु मन्दिर गौशाला में आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारम्भ सदर विधायक मनीष असीजा, प्रो. ओमपाल सिंह निडर ने मॉ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया। कवि सम्मेलन में नाथद्वारा राजस्थान से पधारे कवि गिरीश पालीवाल विद्रोही ने काव्य पाठ करते हुये पढ़ा-शीश अगर मां का झुकता हो, तो अपना शीष कटा देना, जाति, धर्म, भाषा बट जाये, देश नहीं बटने देना। आगरा से आए कवि अंगद धारिया ने पढ़ा-द्वारिका को छोड़ आजा कृष्ण बृज धाम रे, काहे भूलि बैठा, निर्माेही धनश्याम रे।

कवि कुलदीप रंगीला ने नारी सशक्तिकरण पर कहा कि बड़ी छोटी-दिवाली बाद फिर से दिवाली आई, जो बेटी चाय कप लाती थी, वह भी वर्ल्ड कप लाई। मथुरा से पधारी कवयित्री डॉ निभा चौधरी ने श्रंगार की तरफ कवि सम्मेलन का रुख मोड़ते हुये पढ़ा-प्रेम धारण किया धर्मिनी हो गई, जिन्दगी एक पल की आप लोगों की ऋणी हो गई, रीत में प्रीत की जीत ऐसे हुई, राधिका से जब मैं रुक्मिणी हो गई।

इसके अलावा कवि सुबोध सुलभ, प्रांजल प्रताप, मनोज मधुर ने भी अपने काव्यपाठ पर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिओम प्रकाश शर्मा आचार्य, संचालन प्रधानाचार्य भगवान दास शखबार ने किया। इस दौरान अरविन्द्र वघेल, वीरेन्द्र प्रताप सिहं, आदित्य प्रताप सिह, ममता सिंह राघव, अल्का सिंह, शैफाली सिंह राघव, हरदयाल सिंह यादव, प्रो.वीके जैन, जगदीश शर्मा एड, अनूप चंद्र जैन एड आदि मौजूद रहे।