फिरोजाबाद: रिश्वत लेने वाले जेई, संविदाकर्मी को एंटी करप्शन आगरा कोर्ट में किया पेश

फिरोजाबाद: रिश्वत लेने वाले जेई, संविदाकर्मी को एंटी करप्शन आगरा कोर्ट में किया पेश

फिरोजाबाद। विद्युत शिविर में उपभोक्ता से 40 हजार रू रिश्वत लेने के मामले में जेई, संविदाकर्मी को विजिलेंस की टीम ने पकड़ा था। विजिलंेस टीम ने संबंधित थाने में मुकदमा पंजीकृत कराकर एंटी करप्शन आगरा कोर्ट में पेश किया है।

थाना अरांव के गांव भूड़ा भरथरा में लगे विद्युत शिविर में विजिलेंस की टीम ने छापामार कार्यवाही की थी। गांव के ही शिकायतकर्ता नीरज कुमार पुत्र रमेश चन्द्र निवासी नौशहरा थाना शिकोहाबाद ने विजिलेंस टीम आगरा को सूचना दी थी। जिसमें प्रार्थी का बिजली चोरी का मुकदमा चला आ रहा था, वह उसे खत्म कराने के लिए गांव में लगे विद्युत शिविर में आया था। नौशहरा फीडर पर तैनात जेई राजेश पाल पुत्र स्व. रामस्वरूप निवासी जनपद मैनपुरी ने मामले को 1.50 लाख में निपटवाने की बात कही।

जेई ने नीरज को फोन कर बताया कि इस मामले को 70 हजार रू में निपटवा सकता हूँ। नीरज ने विभाग में पता किया तो शमन शुल्क लगभग 21 हजार का लगा था। जेई ने नीरज से कहा कि मैं पूरे प्रकरण को 40 हजार में पूर्ण समाप्त करा दूंगा। इस मामले में संविदाकर्मी जयप्रकाश उर्फ मुन्नेश पुत्र राजवीर सिंह भी शामिल था। पैसे देने केे लिए नीरज ने जेई और संविदाकर्मी को बाहर बुलाया जैसे ही पैसे दिए पीछे विजिलेंस की टीम ने जेई ओैर उसके साथी को पकड़ लिया। एंटी करप्शन ब्यूरों आगरा के प्रभारी निरीक्षक संजय राय ने बताया कि पी़िड़त नीरज के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसका विद्युत विभाग ने 21 हजार का शमन शुल्क लगाया था। दोनों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया है। दोनों को एंटी करप्शन कोर्ट आगरा में पेश किया गया है।

अवर अभियंता निलंबित, लाइनमैन की समाप्त होगी सेवा 
-विद्युत विभाग इन दोनों के दस्तावेजों को खंगाल रहा है ताकि ये पता चल सके इन दोनो आरोपियों ने कितने और उपभोक्ताओं को अपना शिकार बनाया है। विभाग इसकी जांच कराकर जेई राजेश पाल को निलंबित कर देगा। संविदाकर्मी जयप्रकाश उर्फ मुन्नेश की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।  

-विद्युत शिविर में बुधवार को उपभोक्ता से रिश्वत लेने के आरोप में जेई राजेश पाल, संविदाकर्मी जयप्रकाश उर्फ मुन्नेश के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने संबंधित थाने प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। विभागीय स्तर जांच कराकर जेई, संविदाकर्मी के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
 चंद्रजीत सिंह, अधीक्षण अभियंता, ग्रामीण विद्युत