फिरोजाबाद: श्रीराम वन गवन, केवट संवाद की लीला का वर्णन सुन श्रोता हुए भाव विभोर

-1108 कुंडीय महायज्ञ में श्रद्धालुओं नें दी आहुतियां

फिरोजाबाद: श्रीराम वन गवन, केवट संवाद की लीला का वर्णन सुन श्रोता हुए भाव विभोर

फिरोजाबाद। नगर में चल रही मां भगवती पीतांबरा, मृत्युंजय महा महोत्सव के पांचवे दिन 1108 कुंडीय महायज्ञ में हजारों भक्तों ने आहूतियां देकर मन्नौतियां मांगी। राम कथा में केवट संवाद, श्रीराम बन गवन की लीला का वर्णन सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए।

बच्चू बाबा स्थित यज्ञ स्थल पर बुधवार की प्रातः 1108 कुंडीय महायज्ञ में यज्ञाधीश रामदास महाराज के नेतृव में यज्ञाचार्य पंडित विष्णु भारद्वाज के मार्ग दर्शन में वेद पाठीय आर्चायों द्वारा विधि विधान से हवन पूजन कराया गया। श्रीराम कथा व्यास मनोज अवस्थी ने कहा कि श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

फिरोजाबाद: श्रीराम वन गवन, केवट संवाद की लीला का वर्णन सुन श्रोता हुए भाव विभोर
भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और धर्म का सर्वाेच्च आदर्श प्रस्तुत करता है। जब महाराज दशरथ ने कैकेयी को दिए गए वचनों के कारण श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देना पड़ा, तब श्रीराम ने बिना किसी विरोध के पिता की आज्ञा को सहर्ष स्वीकार कर लिया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जीवन में माता-पिता और धर्म के प्रति कर्तव्य सर्वाेपरि होता है।
फिरोजाबाद: श्रीराम वन गवन, केवट संवाद की लीला का वर्णन सुन श्रोता हुए भाव विभोर
उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या से वन की ओर प्रस्थान कर रहे थे, तब अयोध्या की प्रजा अत्यंत दुखी थी। हर कोई अपने प्रिय प्रभु को रोकना चाहता था, लेकिन श्रीराम ने सभी को धर्म और मर्यादा का पालन करने का संदेश दिया।