फिरोजाबाद: यूजीसी नियमों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

-ब्राह्मण जागृति महासभा ने प्रधानमंत्री से सवर्ण विरोधी कानून को वापस लेने की मांग

फिरोजाबाद: यूजीसी नियमों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश ब्राह्मण जागृति महासभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा। जिसमें यूजीसी के कथित सवर्ण विरोधी काले कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की है। 

महासभा के पदाधिकारियों का आरोप है कि नए नियमों में प्रवेश और मूल्यांकन व्यवस्था में भेदभाव किया गया है। इससे सवर्ण विद्यार्थियों, विशेषकर चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। संगठन ने विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग अंक मानक तय करने को समान अवसर और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। ज्ञापन में विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित शिकायत, अनुशासन समिति की संरचना पर भी आपत्ति जताई गई है। पदाधिकारियों ने दावा किया कि समिति को दिए गए अधिकार सवर्ण छात्रों के खिलाफ मनमानी कार्रवाई की आशंका को बढ़ाते हैं।

महासभा ने चेतावनी दी कि यदि इन नियमों में संशोधन नहीं किया गया, तो छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। न्याय न मिलने पर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में श्रीगोपाल शर्मा, दुर्गाप्रसाद शर्मा, संदीप शर्मा, भानू उपाध्याय, धर्मेन्द्र शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, राजू शर्मा, आलोक उपाध्याय, नीरज शर्मा, पूनम शर्मा, सौरभ लहरी, गौरव शर्मा आदि मौजूद रहे।