फिरोजाबाद: यूजीसी नियमों पर जताई आपत्ति, समान छात्र अधिकार प्रणाली लागू की जाएं 

-राष्ट्रीय युवा वाहिनी, सवर्ण महासभा ने नगर मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन

फिरोजाबाद: यूजीसी नियमों पर जताई आपत्ति, समान छात्र अधिकार प्रणाली लागू की जाएं 

फिरोजाबाद। राष्ट्रीय युवा वाहिनी, भारतीय सवर्ण महासभा ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा 13 जनवरी से लागू किए गए नए नियमों पर आपत्ति जताते हुए उनमें संशोधन की मांग की है।

राष्ट्रीय युवा वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीकांत उपाध्याय ने ज्ञापन में कहा है कि यूजीसी ने जातीय भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से सभी विश्वविद्यालयों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की शिकायतों के लिए अलग शिकायत रजिस्टर और समर्पित एसटी-एसटी सेल का गठन अनिवार्य किया है। यह सेल एसटी-एसटी आधारित भेदभाव की शिकायतों की निगरानी और समाधान के लिए जिम्मेदार होगा। जहां एक ओर भेदभाव समाप्त करने की मंशा सराहनीय है। संगठन ने मांग की है कि सभी विश्वविद्यालयों में समान छात्र अधिकार प्रणाली लागू हो, जाति के आधार पर सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान कानून और नियम बनाए जाएं। शिकायतों की निगरानी के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाए।

फिरोजाबाद: यूजीसी नियमों पर जताई आपत्ति, समान छात्र अधिकार प्रणाली लागू की जाएं 
वहीं सवर्ण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव उपाध्याय ने कहा कि यूजीसी सवर्ण विरोधी काला कानून सवर्ण समाज के बच्चों के हितकारी नहीं है। यूनिवर्सिटी कमेटी गठन करें, जिसमें एससी, ओबीसी के सदस्यों को रखा गया है। इसमें सवर्ण समाज के किसी सदस्या को नहीं रखा है। ऐसे में सवर्ण समाज के बच्चों को न्याय नहीं मिल पायेंगी। ज्ञापन देने वालों में अशोक गर्ग, मोहन सिंह, एसके भटनागर, विष्णुकांत पचौरी, नरेश, पवन शर्मा, प्रवीन शर्मा, अशोक श्रोती, राजेश दुबे आदि मौजूद रहे।