फिरोजाबाद। नगर निगम के प्रकाश विभाग में वर्षों से कार्यरत 28 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं अचानक समाप्त किए जाने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। इस संबंध में नगर निगम कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सहायक नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर सभी कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग की है।
कर्मचारियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उन्हें कार्य से हटा दिया गया। प्रकाश विभाग में आउटसोर्स के रूप में कार्यरत चंद्रप्रकाश ने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से निगम में सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अचानक यह कह दिया गया कि उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र बहाली नहीं हुई, तो वे हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।
शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से प्रकाश विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे और निगम के नियमित कार्यों का निर्वहन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुल 28 कर्मचारियों को एक साथ हटा दिया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो कर्मचारी भूख हड़ताल करेंगे। दिनेश कटारा ने बताया कि वे 24 वर्षों से प्रकाश विभाग में कार्यरत हैं। पिछले एक माह से उन्हें ड्यूटी पर नहीं भेजा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसके आदेश पर हटाया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। साथ ही संबंधित फाइल पर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) द्वारा हस्ताक्षर न किए जाने की बात भी कही। संघर्ष समिति ने ज्ञापन में कहा कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को इस प्रकार हटाना न केवल श्रम कानूनों के विपरीत है, बल्कि उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट भी खड़ा कर रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी 28 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पूर्व स्पष्ट प्रक्रिया अपनाई जाए। चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा और क्रमिक हड़ताल व भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
हटाए गए कर्मचारियों में महादेव, प्रेमशंकर, रोहित, विकास बाबू, इकबाल, छोटू, सोहिल, दिलीप, बंटी, सोनू शंखवार, तेजेंद्र, शिवम, शैलेंद्र, चंद्रप्रकाश, राकेश, मनीष, ज्ञानदीप, सोनू सागर, रतनदेव, साबर, कुलदीप, सुनील, प्रवेश पाठक, दिनेश कटारा, ऐजाज, प्रताप सिंह, शकील

