फिरोजाबाद। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में हजारों शिक्षकों ने एकजुटता दिखाकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद शिक्षकों ने पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय सचिव कल्पना राजौरिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ। अधिनियम के अनुसार इसके प्रभावी होने की तिथि से या उसके बाद नियुक्त होने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जबकि पहले नियुक्त शिक्षकों को इससे छूट मिली थी। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शौर्यदेव यादव ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से बच्चों की शिक्षा में लगे हैं और अचानक से टीईटी अनिवार्यता उनके करियर और पदोन्नति पर प्रतिकूल असर डाल रही है। जूनियर शिक्षक संघ के महामंत्री आनंद श्रोतिय ने कहा कि यह निर्णय शिक्षक समुदाय में असंतोष पैदा कर रहा है।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष अबोध चतुर्वेदी और कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश कुशवाह ने कहा कि शासन से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उच्चतम न्यायालय के आदेश का ध्यान रखते हुए अध्यादेश लाकर पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान की जाए, जिससे उनकी सेवा और पदोन्नति पर कोई असर न पड़े। धरना प्रदशर्न में ललित शर्मा, रंजीत यादव, धीरेन्द्र यादव, इंद्रपाल, अनिल पांडेय, आलोक चौहान, मंजू, विधि मित्तल, रक्षा कुलश्रेष्ठ, मोहित चतुर्वेदी, भावना जैन, अमिता यादव, प्रीति, आदेश यादव आदि शामिल रहे।

