टूंडला। नागऊ चौराहा क्षेत्र में आयोजित 1108 कुंडीय मृत्युंजय मां पीतांबरा महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। शनिवार को निकाली गई विशाल कलश यात्रा में पांच हजार से अधिक महिला, पुरुष और बच्चों ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और भजन कीर्तन के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया। महायज्ञ में प्रतिदिन लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महायज्ञ की विधिवत शुरुआत शुक्रवार को 108 बटुकों के प्रायश्चित कर्म, नांदीमुख श्राद्ध और दशविद्य स्नान के साथ हुई। यज्ञाचार्य रामदास महाराज के सानिध्य में बटुकों को भस्म, मिट्टी, गोबर, गोमूत्र, हल्दी, फल, पंचगव्य, सप्तधान्य और गोरज से विशेष स्नान कराया गया। इसके बाद उनका मुंडन संस्कार कर विधि-विधान से यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण कराया गया। शनिवार को निकाली गई कलश यात्रा आयोजन स्थल से शुरू होकर बच्चू बाबा आश्रम, राजा का ताल और महाराणा प्रताप चौक से होते हुए पुनः आयोजन स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में कलश और ध्वज लेकर भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। 

एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आयोजन स्थल और यात्रा मार्ग पर करीब 300 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। धार्मिक आस्था और भक्ति से सराबोर इस महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से इन दिनों पूरा क्षेत्र धर्ममय वातावरण में डूबा हुआ है।

