फिरोजाबाद: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी-मंडलायुक्त

-जिला अस्पताल, कलक्ट्रेट, ग्लास म्यूजियम और ऑडिटोरियम का मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण

फिरोजाबाद: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी-मंडलायुक्त

फिरोजाबाद। आगरा मंडल आयुक्त ने सोमवार को जिला चिकित्सालय और कलक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण से अस्पताल व प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लेकर मरीजों, तीमारदारों से पूछताछ की। 

मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप सोमवार को दोहपर में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के लिए सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। जहॉ भर्ती मरीजों से संवाद कर उपचार की जानकारी ली। इसके बाद पुरुष, महिला वार्ड, ओपीडी कक्ष, पैथोलॉजी लैब और दवा वितरण काउंटर का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के साथ मरीजों को समय से दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। चिकित्सकों, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो और सेवाओं में कोई कमी न रहे।

फिरोजाबाद: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी-मंडलायुक्त

इसके अलावा मंडलायुक्त ने ग्लास म्यूजियम और ऑडिटोरियम का निरीक्षण करते हुए कहा कि ऑडिटोरियम की साउंड क्वालिटी उच्च स्तरीय होनी चाहिए, ताकि कार्यक्रमों के दौरान स्पष्टता बनी रहे। बेहतर लाइट और साउंड व्यवस्था होने पर ही इस ऑडिटोरियम की असली उपयोगिता सिद्ध हो सकेगी। कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक कार्यों की सुचिता और व्यवस्था परखने के लिए अभिलेखागार, प्रशासनिक अधिकारिक, बंदोबस्त अधिकारी, नजारत अनुभाग, चकबंदी एवं भूलेख विभाग का जायजा लिया। कलैक्ट्रेट परिसर में लगे अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट की बारीकी से जांच की। उन्होंने कहा कि परिसर में अग्निशमन यंत्रों की संख्या पर्याप्त होनी चाहिए। अग्निशमन यंत्रों को चलाने में निपुण कर्मचारियों की भी नियुक्ति होनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही की जा सके।

इसके बाद कलेक्ट्रेट कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। न्यायालयों और कार्यालयों में लंबित वादो का निस्तारण शीघ्रता से किया जाए। विभागीय कार्यवाही को अनावश्यक रूप न लटकाया जाए, एक नोटिस देकर कार्यवाही की प्रक्रिया पूरी की जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम रमेश रंजन, सीडीओ शत्रोहन वैश्य, नगर आयुक्त प्रशांत नागर, एडीएम विशु राजा, नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे, सीएमओ डॉ रामबदन राम, एसडीएम सादर सतेंद्र सिंह, प्राचार्य डॉ योगेश कुमार गोयल, सीएमएस डॉ नवीन जैन आदि मौजूद रहे।